डाबर वासावलेह के फायदे-Dabur Vasavaleha

डाबर वासावलेह के फायदे-Dabur Vasavaleha

डाबर वासावलेह के फायदे – Dabur Vasavaleha Ke Fayde

डाबर वसावलेह सदियों से उपयोग किए जाने वाली एक प्राकृतिक हर्बल औषधि है| वासवलेहा, वासा और पीपली से निर्मित एक आयुर्वेदिक शास्त्रोक्द पद्धति से बनी चमत्कारी औषधि है|इसका उपयोग सर्दी और हर तरह की खांसी में किया जाता है, यह अस्थमा एवं श्वास सम्बन्धी समस्त बीमारियों के लिए बहोत फायदेमंद है| आपके फेफड़ो को मजबूत कर उसमे मौजूद बलगम को बाहर निकाती है|

श्वास नाली में सूजन आना, हमेशा खांसी या बलगम रहना और ऐसे मरीज जो टी.बी. से ग्रस्त है उनके लिए यह एक अद्वितीय औषधि है| टी.बी. के मरीज इसे अपने एलोपैथिक दवाइयों के साथ भी ले सकते है जिस कारण उनको बहोत जल्द फायदा होगा|

इसके अलावा यह फेफड़ो के अंदर और श्वास नलिका के इन्फेक्शन को दूर करता है| इसमें ब्रोन्कोडायलेटरी और एंटीबायोटिक गुण मौजूद हैं। यह आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और आपको ताकत प्रदान करता है|

ऐसे मरीज जिनको थोड़ी मेहनत करने पर श्वास फूलने लगती है, मौसम बदलने में श्वास के तकलीफ होती है उनके लिए यह बहोत फायदेमंद है| इसके साथ ही अगर बहोत ज्यादा गर्मी के कारन जिनके नाक में से रक्त का प्रवाह होता है या जिन्हे रक्तपित्त जैसे रोग है ऐसे रोगो में भी यह लाभ देता है, दिल को मजबूत बनता है|

इसके अलावा इसका पयोग पेट दर्द, पेट के अल्सर, बुखार और बुखार से आयी कमजोरी में भी इसका उपयोग लाभ प्रदान करता है

वासवलेहा (Vasavaleha) के फायदे और नुकसान

Pros (फायदे)

  • क्षय रोग (टी.बी.) में फायदेमंद
  • अस्थमा दूर करे
  • ब्रोंकाइटिस दूर करे
  • पुरानी खांसी ठीक करे
  • श्वसन नलिका से जुड़े विकार ठीक करे
  • पेट दर्द में लाभदायक

Cons (नुकसान)

  • डायबिटीस के मरीज न ले शुगर लेवल बढ़ जाता है

वासावलेह के घटक: Ingredients

  • वसा, पीपली, बड़ी इलायची, शहद, शर्करा, नीम, आवंला इत्यादि

सेवन विधि और मात्रा:

1८ उम्र से ऊपर: १ चम्मच सुबह और शाम खाने के बाद
बच्चे ८ से १० उम्र: आधा चम्मच सुबह शाम

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